அத்தியாயம் ௰௮ - ஸ்லோகம் ௬௰௭

அத்தியாயம் ௰௭ - ஸ்லோகம் ௬௰௭

TheGitaTamil_18_67
Find the same shloka below in English and Hindi.

TheGita – Chapter 18 – Shloka 67

Shloka 67

The Blessed Lord urged:
Do not, O Partha, explain My teachings to those who lack self-discipline; who lack love and devotion towards Me; who do not believe in Me; and who argue against My divine words of Wisdom.

तुझे यह गीता रूप रहस्य मय उपदेश किसी भी काल में न तो तप रहित मनुष्य से कहना चाहिये, न भक्त्ति रहित से और न बिना सुनने की इच्छा वाले से ही कहना चाहिये ; तथा जो मुझ में दोष दृष्टि रखता है, उससे तो कभी भी नहीं कहना चाहिये ।। ६७ ।।

The Gita in Sanskrit, Hindi, Gujarati, Marathi, Nepali and English – The Gita.net

Scroll to Top